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मोर्स कोड का आविष्कार

मोर्स कोड, इतिहास में सबसे क्रांतिकारी संचार विधियों में से एक, 19वीं शताब्दी की शुरुआत में विकसित की गई थी।

प्रारंभिक विकास (1830 के दशक)

1830 के दशक में, सैमुअल मोर्स ने विद्युत टेलीग्राफ प्रणाली पर काम करना शुरू किया। उन्होंने एन्कोडिंग सिस्टम विकसित किया जो मोर्स कोड के रूप में जाना जाने लगा।

सैमुअल मोर्स का योगदान

सैमुअल मोर्स 1825 में अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद विद्युत टेलीग्राफी के विचार से मोहित हो गए। 1838 तक, मोर्स ने मोर्स कोड की मूल रूपरेखा विकसित की।

पहली टेलीग्राफ लाइन (1844)

24 मई 1844 को, मोर्स ने अपने नए सिस्टम का उपयोग करके पहला आधिकारिक टेलीग्राम भेजा। ऐतिहासिक संदेश ने विद्युत टेलीग्राफी की व्यावहारिक व्यवहार्यता का प्रदर्शन किया।

"भगवान ने क्या बनाया" - पहला टेलीग्राफ संदेश (1844)

वैश्विक अपनाना

पहली टेलीग्राफ लाइन की सफलता के बाद, मोर्स कोड संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में तेजी से फैल गया।

स्थायी विरासत

मोर्स कोड के आविष्कार ने विद्युत संचार युग की शुरुआत को चिह्नित किया। यह मानव इतिहास में पहली बार तत्काल दूरस्थ संचार को सक्षम बनाता था।